अमर रहे गणतंत्र हमारा

अमर रहे गणतंत्र हमारा (ताटंक छंद)

अमर रहे गणतंत्र हमारा,
                जन-गण-मन का नारा है ।
आसमान पर देख तिरंगा,
                    विश्व गगन का तारा है।।

सदियों से हम ठोकर खाएँ,
                   मिली आज आजादी ये।
चलो सहेजे अपनी धरती,
                  अब मत हो बर्बादी ये।।
वसुंधरा माँ की आँचल को,
                      हमने आज सँवारा है।
अमर रहे गणतंत्र हमारा............

शस्य श्यामला हरी-भरी हो,
                     बंजर धरती की क्यारी।
जय जवान का नारा गूँजे,
                 अमन चैन की किलकारी।।
है सशक्त विज्ञान हमारा,
                   दुश्मन को ललकारा है।
अमर रहे गणतंत्र हमारा...........

वीर शहीदों वाली धरती,
                          रक्षा भार उठाना है।
आज तिरंगा हाथ लिए हम,
                    बलिदानी बन जाना है।।
सीमा पार न आये कोई,
                    अब जय घोष हमारा है।
अमर रहे गणतंत्र हमारा..............

रचनाकार:-
बोधन राम निषादराज"विनायक"
सहसपुर लोहारा,जिला-कबीरधाम(छ.ग.)

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